गौला निकासी गेट पर बवाल के बीच गेट इंचार्ज से मारपीट, मोबाइल तोड़ा… गुस्साए कर्मचारियों ने 11 गेट कर दिए बंद

हल्दूचौड़ ( नैनीताल )। 

गौला नदी में बिना गाड़ी तुलाए डंपर ले जाने को लेकर हुए विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। देवरामपुर गौला निकासी गेट पर गेट इंचार्ज और खनन व्यवसाई के बीच तीखी बहस के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि खनन व्यवसाई ने गेट इंचार्ज की पिटाई कर  दी और उनका मोबाइल भी तोड़ दिया। घटना से नाराज वन विकास निगम के कर्मचारियों ने लालकुआं डिवीजन से हल्द्वानी तक गौला नदी के सभी 11 निकासी गेट बंद कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार रविवार सुबह देवरामपुर गौला निकासी गेट पर बिना तुले करीब एक दर्जन वाहन गौला नदी में प्रवेश कर गए। कांटे पर तैनात कर्मचारियों ने इसकी सूचना गेट इंचार्ज सौरभ मराठा को दी। मौके पर पहुंचे गेट इंचार्ज ने वाहन स्वामियों को गेट पर बुलाकर दोबारा गाड़ी तौलने के निर्देश दिए।

इस पर खनन स्वामियों ने बताया कि उनकी गाड़ियां पहले ही भर चुकी हैं और उन्होंने तौल कराने की प्रक्रिया भी की थी, लेकिन कांटे में खराबी के कारण कंप्यूटर में वजन दर्ज नहीं हो पाया। गेट इंचार्ज ने निर्देश दिया कि भरी गाड़ियों को खाली कर दोबारा तौल कराया जाए।

इसी बात को लेकर एक खनन व्यवसाई नाराज हो गया और गेट इंचार्ज से उसकी तीखी नोकझोंक हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। आरोप है कि खनन व्यवसाई ने वीडियो बना रहे गेट इंचार्ज का मोबाइल तोड़ दिया और उनके साथ मारपीट भी की।

घटना के बाद आक्रोशित वन विकास निगम कर्मचारियों ने पहले देवरामपुर गेट बंद किया और इसके बाद लालकुआं से शीशमहल तक गौला नदी के सभी 11 निकासी गेटों को बंद कर दिया। मौके पर लालकुआं कोतवाली पुलिस, वन विभाग और वन निगम के अधिकारी पहुंच गए हैं तथा देवरामपुर गेट पर पुलिस, वन विभाग और निगम के कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है।

डीएलएम धीरेश बिष्ट ने बताया कि खनन व्यवसाई द्वारा गेट इंचार्ज के साथ अभद्रता और मारपीट की गई है। इस संबंध में लालकुआं कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपी वाहन स्वामी की गाड़ी सीज कर उसका गौला नदी में पंजीकरण भी निरस्त किया जाएगा।

इधर देव रामपुर गौला निकासी गेट के अध्यक्ष भगवान धामी ने कहा कि मारपीट की घटना दुर्भाग्य पूर्ण है, लेकिन विवाद की मुख्य वजह कांटे में आई खराबी रही, जिसके कारण गाड़ी का वजन कंप्यूटर में दर्ज नहीं हो पाया और मामला बढ़ गया। इधर गोला खनन संघर्ष समिति के अध्यक्ष है रमेश चंद जोशी ने कहा कि मारपीट की घटना निंदनीय है ।

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