– रानीबाग चित्रशिला घाट पर सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
– अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, गूंजते रहे देशभक्ति के नारे
हल्दूचौड़( नैनीताल)।
मणिपुर में शहीद हुए असम राइफल्स के वारंट अधिकारी बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर गुरुवार को किशनपुर सुकलिया स्थित उनके आवास पहुंचा। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर के पहुंचते ही पत्नी संगीता देवी, बेटियों दिव्या और चंदा, पुत्र रोहन तथा अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने हाथ जोड़कर अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। महिलाओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा की, जबकि युवाओं और बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। पूरे रास्ते भारत माता की जय, बलवंत सिंह अमर रहें और जब तक सूरज-चांद रहेगा, बलवंत तेरा नाम रहेगा के नारों से वातावरण गूंजता रहा।

बागेश्वर जिले की कपकोट तहसील के भाटनिकोट गांव के तुपेड़ (वनडुंगरा) निवासी बलवंत सिंह वर्ष 1991 में असम राइफल्स में भर्ती हुए थे। करीब 35 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद वह मणिपुर में उग्रवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। उनके परिवार में पत्नी संगीता देवी, दो बेटियां दिव्या और चंदा तथा पुत्र रोहन हैं। रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद को अंतिम सलामी दी। बिगुल की अंतिम धुन के बीच सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। लोगों ने कहा कि देश ने अपना एक वीर सपूत खो दिया है, लेकिन उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

शहीद बलवंत सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, पूर्व विधायक नवीन दुम्का, ग्राम प्रधान विपिन जोशी, हेमवती नंदन दुर्गापाल, कमलेश चंदोला, दिनेश खुल्बे, इंदर सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, सैन्य अधिकारी और क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने शहीद के बलिदान को देश के लिए गौरव बताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
फोटो परिचय-1: शहीद बलवंत सिंह को अंतिम विदाई देते पत्नी, बच्चे और परिजन।
फोटो परिचय-2: शहीद बलवंत सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब।