गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार का विशेष अभियान : 15 अप्रैल तक सभी का अल्ट्रासोनोग्राफी कराने के

गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार का विशेष अभियान : 15 अप्रैल तक सभी का अल्ट्रासोनोग्राफी कराने के निर्देश

देहरादून।

उत्तराखण्ड की शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी जांच कराकर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में प्रदेश के छह जनपदों में अल्ट्रासाउंड कवरेज बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जो आगामी 15 अप्रैल तक संचालित रहेगा। इस अभियान के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि कोई भी महिला अल्ट्रासाउंड जांच से वंचित न रहे।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान समय पर अल्ट्रासोनोग्राफी जांच कराना गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए बेहद आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में शत-प्रतिशत अल्ट्रासोनोग्राफी कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। पहले चरण में यह अभियान अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चम्पावत, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में संचालित किया जाएगा।

अभियान के तहत उन सभी गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए लाया जाएगा जो 18 सप्ताह या उससे अधिक गर्भकाल में हैं और जिन्होंने अभी तक वर्तमान गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड नहीं कराया है। इसके अलावा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं, जिन्हें चिकित्सकों द्वारा दोबारा यूएसजी कराने की सलाह दी गई है, ऐसी सभी महिलाओं को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।

मंत्री ने अधिकारियों को माइक्रोप्लान तैयार कर Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act के प्रावधानों के तहत अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जिला और ब्लॉक स्तर पर सभी यूएसजी केंद्रों, उपलब्ध रेडियोलॉजिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम बनाकर ड्यूटी रोस्टर तैयार किया जाएगा, ताकि समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने पात्र गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही एएनएम, आशा और स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से लाभार्थियों को समय पर सूचना देकर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है। परिवहन सुविधा के अभाव में कोई भी पात्र महिला जांच से वंचित न रहे, इसके लिए 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं सहित अन्य संसाधनों का समुचित उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं ।

सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को जिला व ब्लॉक स्तर पर दैनिक समीक्षा कर, अभियान की निरंतर निगरानी करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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