भीमताल में ” बाखली ” नाम से ग्राम दुकान का विधिवत शुभारम्भ : नाबार्ड के सहयोग से दक्ष स्वयं सहायता समूह को प्रदान की कई ग्राम दुकान
भीमताल ।
विकासखंड भीमताल में मंगलवार को “बाखली” नामक ग्राम दुकान का शुभारंभ किया गया। यह ग्राम दुकान नाबार्ड के सहयोग से दक्ष स्वयं सहायता समूह , भीमताल को प्रदान की गई है। इस परियोजना का क्रियान्वयन मेनवस संस्था द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया, जिसमें क्षेत्र की लगभग 50 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में श्री मुकेश बेलवाल, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड नैनीताल, श्री अमित बाजपेयी, अग्रणी जिला प्रबंधक नैनीताल -अतुल पांडेय, निदेशक- आरसेटी, गोपाल जी- निदेशक – जन शिक्षण संस्थान श्री बिष्ट जी, वित्तीय साक्षरता सलाहकार, नैनीताल जिला सहकारी बैंक एवं उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के प्रतिनिधिगण, दूरदर्शन नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार व विभिन्न प्रेस प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा ग्राम दुकान का अवलोकन भी किया गया। दुकान में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें ऐपण कला आधारित उत्पाद, रिंगाल शिल्प सामग्री, जूट उत्पाद, अचार, शहद, मोटे अनाज (मिलेट्स), दालें एवं अन्य प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री प्रमुख रूप से शामिल थीं। यह सभी उत्पाद भीमताल विकासखंड के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से क्रय किए गए हैं तथा अब इनका विपणन इस ग्राम दुकान के माध्यम से किया जाएगा।
नाबार्ड द्वारा इस परियोजना को दो वर्षों तक अनुदान सहायता प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत दुकान का किराया, विक्रय महिला का मानदेय, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण गतिविधियाँ तथा दुकान हेतु आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करने में सहयोग प्रदान किया गया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना तथा स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुकेश बेलवाल ने कहा कि नाबार्ड द्वारा ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण एवं स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम दुकान जैसी पहलें ग्रामीण उत्पादों को बाजार से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेंगी तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
अमित बाजपेयी ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से अधिक से अधिक जुड़ने हेतु प्रेरित किया तथा कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे।
अन्य वक्ताओं ने भी स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पादों के संरक्षण और विपणन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं प्रतिभागियों ने ग्राम दुकान की स्थापना को ग्रामीण महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए नाबार्ड एवं मेनवस संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।