खुश खबरी:   पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा जल्द होगी बहाल, तैयारी अन्तिम चरण में

हैलो इंडिया न्यूज 24 x 7

मदन मधुकर

देहरादून ।

 सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के निवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। खबर है कि तकरीबन पांच महीने से ठप पड़ी देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई सेवा को दोबारा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। हवाई सेवा की बहाली के साथ ही देहरादून और सीमांत क्षेत्र के बीच आवागमन फिर से सुचारू हो जाएगा, जिससे यात्रियों का समय तो बचेगा ही, साथ में राजधानी और सीमांत क्षेत्रों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।

 उत्तराखंड सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान द्वारा बताया गया है कि नई उड़ान संचालन के लिए सभी जरूरी स्वीकृतियां मिल चुकी हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने भी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यदि प्रक्रिया निर्धारित समयानुसार पूरी हुई तो इसी मार्च महीने से यह सेवा पुनः प्रारंभ हो सकती है। 

बताते चले कि लगभग पांच महिने पहले तकनीकी कारणों के चलते विमानन नियामक संस्था नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस रूट पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया था। तभी से यह सेवा ठप्प पड़ी हुई है।

हवाई सेवा बंद रहने से पिथौरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बहुत सी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। सड़क मार्ग से देहरादून तक की यात्रा लंबी और थकान भरी होती है और मौसम के अनुसार अलग- अलग मु्श्किलें पेश आती हैं।  विशेषकर बरसात और सर्दियों में पहाड़ी मार्ग अत्यधिक जोखिमपूर्ण हो जाते हैं। ऐसे में हवाई विकल्प स्थानीय नागरिकों, व्यापारी समुदाय, अधिकारियों और पर्यटकों के लिए एक बेहतर साधन साबित होता है।

 सूत्रों की मानें तो इस बार हवाई सेवा संचालन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पहले यह सेवा फ्लाई बिग कंपनी द्वारा संचालित होती थी, जबकि अब उत्तराखण्ड सिविल एविएशन अथॉरिटी के अनुसार इस रूट पर अलायंस एयर का 48 सीटों वाला विमान उड़ान भरेगा। अधिक क्षमता वाले विमान के संचालन से यात्रियों की संख्या बढ़ने और सेवा की निरंतरता बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

नई व्यवस्था के तहत उड़ान केवल देहरादून और पिथौरागढ़ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह दिल्ली–देहरादून–पिथौरागढ़ मार्ग पर संचालित होगी। इससे पिथौरागढ़  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भी सीधे हवाई संपर्क में आ जाएगा, जो सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए अहम साबित होगा ।

स्थानीय जनप्रतिनिधि लंबे समय से इस सेवा की बहाली की मांग कर रहे थे। सीमावर्ती जिला होने के कारण पिथौरागढ़ का खाश सामरिक महत्व  है, क्योंकि नेपाल और चीन की सीमाएं यहां से सटी हुई हैं। बेहतर कनेक्टिविटी, प्रशासनिक और सुरक्षा के अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को भी इससे गति मिल सकेगी।

पर्यटन क्षेत्र को भी इस निर्णय से प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई गई है। पिथौरागढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी दृश्यों और धार्मिक स्थलों के कारण पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। हवाई संपर्क सुदृढ़ होने से बाहरी राज्यों से आगंतुकों की संख्या बढ़ सकती है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय व्यवसायों—जैसे होटल, परिवहन और गाइड आदि सेवाओं को मिलेगा।

अथॉरिटी के अधिकारियों के अनुसार इस बार संचालन से जुड़ी तकनीकी और सुरक्षा तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में सेवा बाधित न हो। रन -वे, सुरक्षा मानकों और मौसम संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

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