रेवती देवी को मिली अतिरिक्त पेन्शन
हल्दूचौड़ (नैनीताल)
पूर्व सैनिक मोहन चन्द्र भट्ट की वर्ष 2007 में आकस्मिक मृत्यु के बाद पत्नी रेवती देवी को पारिवारिक पेंशन मिलने लगी थी। परन्तु रेवती देवी की जन्म तिथि पी पी ओ में दर्ज न होने के चलते उन्हें 80 वर्ष पूर्ण होने पर अतिरिक्त पेंशन का लाभ नहीं मिला जो पूर्व सैनिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश गुरुरानी के अथक प्रयासों से लाभ मिलने लगा ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व सैनिक सैनिक मोहन चन्द्र भट्ट वर्ष 12 अप्रैल 1947 को सेना में आर्मी एजुकेशन कोर में भर्ती हुए। तथा 28 वर्ष देश सेवा कर वर्ष 9 अगस्त 1971 में सेवानिवृत्त हुए।
जिनका पी.पी.ओ. संख्या 236197100003 के अनुसार उन्हें सर्विस पेंशन मिलने लगी दुर्भाग्यवश
3 मई 2007 की आकस्मिक मृत्यु हो गई। श्री भट्ट मृत्यु के बाद रेवती देवी को पारिवारिक पेंशन मिलने लगी। परन्तु रेवती देवी की जन्म तिथि पी पी ओ में दर्ज न होने के कारण उन्हें 80 वर्ष पूर्ण होने पर अतिरिक्त पेंशन का भुगतान नहीं हुआ। 01 मार्च 2026 को रेवती देवी के पुत्र की मुलाकात समाज सेवी पूर्व सैनिक प्रकाश गुरुरानी जी से हुई। 01 मार्च 2026 से लगातार दो माह तक अभिलेख कार्यालय ए ई सी पंचमढ़ी तथा स्पर्श से पत्राचार करके, रेवती देवी की जन्म तिथि 1-1-1935 को उनके पी पी ओ में दर्ज करवाया। फिर स्पर्श द्वारा रेवती देवी को 80 वर्ष पूर्ण होने पर 5,18,018/- का भुगतान 30 अप्रैल 2026 को स्पर्श के माध्यम से करवाया। वही
01 मई 2026 को रेवती देवी पत्नी स्व: मोहन चन्द्र भट्ट, लीला भवन, मुखानी हल्द्वानी नैनीताल (यूके) का भी स्वर्गवास हो गया। किरन भट्ट रेवती देवी के पुत्र ने समाज सेवी पूर्व सैनिक प्रकाश गुरुरानी जी को रूपया 5,18,018/- अतिरिक्त पेंशन का भुगतान हो जाने से धन्यवाद किया वही प्रकाश गुरुरानी समाज सेवी पूर्व सैनिक ने बताया कि वो वर्ष 2004 से लगातार निस्वार्थ भाव से बुजुर्ग, विधवाओं, विकलांगों के पारिवारिक पेंशन एवं अतिरिक्त पेंशन का कार्य कर रहे हैं। तथा भविष्य में भी इसी प्रकार करते रहेंगे।