हल्दूचौड़ चौराहे पर दर्दनाक हादसा : डंपर की चपेट में आने से स्कूटी सवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत

हल्दूचौड़ चौराहे पर दर्दनाक हादसा : डंपर की चपेट में आने से स्कूटी सवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत

हल्दूचौड़( नैनीताल)। हल्दूचौड़ चौराहे पर रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सड़क पार करते समय स्कूटी सवार युवक को तेज गति से आ रहे डंपर ने अपनी चपेट में आने से सर कुचल कर भेजा बाहर निकल गया और इस दर्दनाक हादसे में हिम्मतपुर चौमवाल निवासी कमल पांडे की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद घटना स्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची चौकी पुलिस शव 108 वैन की मदद से शव को हल्द्वानी मोर्चरी भेजा गया।

                       रविवार को दोपहर में कमल पांडे

स्कूटी से हल्दूचौड़ चौराहे पर सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान हल्द्वानी की ओर से तेज गति से आ रहे डंपर की चपेट में आ गया। सर कुचल कर भेजा बाहर निकल गया टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही चौकी पुलिस मौके पर पहुंची जानकारी के मुताबिक डंपर चालक मौके से वाहन लेकर भाग निकल जो कुछ दूरी पर डंपर खडा कर फरार हो गया वही पुलिस ने घटना स्थल से स्कूटी को अपने कब्जे में लेते हुए डंपर को चौकी ले गई वही पुलिस ने दोनो वाहनों को अपने कब्जे में लेकर मामले की जानकारी जुटाई।

हादसा होते ही जागता है सिस्टम, फिर लौट आते हैं पुराने हालात

हल्दूचौड़( नैनीताल) चौराहे पर हुए हादसे ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यस्त चौराहे पर वाहनों की तेज रफ्तार के बीच पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को सड़क पार करने में लगातार जोखिम बना रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बड़े हादसे के बाद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि सक्रिय दिखाई देते हैं। चौराहे का निरीक्षण होता है, यातायात व्यवस्था सुधारने की बातें होती हैं और सुरक्षा के लिए कदम उठाने के आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती है।

कमल की मौत से क्षेत्र में शोक

कमल पांडे की हादसे में मौत की सूचना से हिम्मतपुर चौमवाल और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए संबंधित विभागों से महज निरीक्षण और आश्वासन के बजाय स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है। कमल अपने पीछे अपनी माता मोहिनी देवी, पत्नी कमला पाण्डे, सात वर्षीय मासूम पुत्री के अलावा एक छोटा भाई महेश पांडे को रोता बिलखता छोड़ गए ।

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