ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में 24 घंटे के ‘वॉच द कोड’ हैकाथॉन का समापन टीम सुपरसोनिक ने जीता प्रथम पुरस्कार

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में 24 घंटे के ‘वॉच द कोड’ हैकाथॉन का समापन टीम सुपरसोनिक ने जीता प्रथम पुरस्कार

हल्दूचौड़( नैनीताल)

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी में टेक गीक क्लब द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल कोडिंग महाकुंभ ‘वॉच द कोड’ हैकाथॉन का शानदार समापन हुआ। 24 घंटों तक चले इस निरंतर नवाचार, टीम वर्क और रचनात्मकता के मुकाबले में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, देहरादून की ‘टीम सुपरसोनिक’ ने प्रथम स्थान प्राप्त कर पचास हजार की नकद राशि अपने नाम की। वही द्वितीय पुरस्कार पच्चीस हजार टीम कोडेक्स साइफर्स आई ई एम कोलकाता प्राप्त किया वही प्रमुख परिणाम और पुरस्कार प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए निर्णायकों ने तकनीकी कौशल और समस्या समाधान की क्षमता के आधार पर विजेताओं का चयन किया।

                 यहां हल्द्वानी कैम्पस ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, बेरी पड़ाव  में टेक गीक क्लब द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल कोडिंग महाकुंभ ‘वॉच द कोड’ हैकाथॉन का समापन हुआ 

इसके अतिरिक्त, नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘टीम विनकॉन’ को ‘मोस्ट इनोवेटिव आइडिया अवार्ड’ से नवाजा गया। व्यक्तिगत श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु ‘टीम बैक अपप्लान’ के शंकर सिंह को ‘लोन वुल्फ अवार्ड’ और पांच हजार के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए उद्योग जगत के विशेषज्ञों के निर्णायक मंडल (न्यायाधीश)के रूप शामिल रहें तृतीय पुरस्कार  टीम ओवर क्लॉक्ड (ग्राफिक एरा भीमताल कैंपस)

सांत्वना पुरस्कार 5 हजार प्रत्येक टीम ज़ीरो डिफ और टीम टेक 4 ऑल,अविक अग्रवाल टीसीएस में डेटा इंजीनियर, अंतर राष्ट्रीय पेटेंट धारक एवं विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक विजेता। देवेश तुलस्यान: टीसीएस में फुल स्टैक एआई और क्लाउड इंजीनियर एवं स्वर्ण पदक विजेता। विनय चंदोला अनुभवी सॉफ्टवेयर इंजीनियर  एसीएम लीडरशिप पदों पर कार्यरत।

जबकि विभा चंदोला, अंकुल कुमार, प्रियांशु कुमार, मयंक कुमार, मनीष चंद्र पनेरू और लक्ष्यजीत जलाल ने मेंटर्स के रूप में मार्गदर्शन दिया। .

इस मौके पर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी हल्द्वानी के निदेशक डॉक्टर एम सी लोहानी ने कहा कि आज का दौर केवल कोडिंग का नहीं, बल्कि कोडिंग के माध्यम से समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने का है। 24 घंटे के इस कठिन परिश्रम में छात्रों ने जो प्रोटोटाइप विकसित किए हैं, वे उनकी रचनात्मक सोच और तकनीकी दक्षता का प्रमाण हैं। ग्राफिक एरा का उद्देश्य ऐसे ही कुशल पेशेवरों को तैयार करना है जो विकसित भारत के संकल्प में अपना डिजिटल योगदान दे सकें।

कार्यक्रम का संचालन फैकल्टी समन्वयक डॉ मनीषा कोरंगा और कमलेश पलड़िया द्वारा किया गया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में शुभम लोशाली, अनिकेत जैन, नितिन और करण प्रीत सहित छात्र प्रबंधकों की टीम का विशेष योगदान रहा।

सम्बंधित खबरें