मोटाहल्दू में भीषण अग्निकांड: बटाईदार की झोपड़ी जलकर राख, लाखों का सामान खाक
👉 सुबह चार बजे लगी आग से परिवार बाल-बाल बचा, 7 कुंतल धान, नकदी और डेढ़ तोले का मंगलसूत्र भी जला; प्रशासन से नहीं हो सका सम्पर्क
मोटाहल्दू (नैनीताल)।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत फत्ताबंगर में रविवार तड़के एक बटाईदार की झोपड़ी में भीषण आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि झोपड़ी में सो रहा परिवार समय रहते बाहर निकल गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार घटना रविवार सुबह करीब चार बजे की है। उस समय झोपड़ी में रह रहा पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था। अचानक झोपड़ी में आग लग गई और देखते ही देखते आग की तेज लपटें अंदर तक पहुंच गईं। गर्मी और धुएं से परिवार के लोगों की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि झोपड़ी चारों तरफ से आग की लपटों में घिरी हुई है।
परिवार के सदस्यों ने तुरंत झोपड़ी से बाहर निकलकर शोर मचाना शुरू किया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी, लेकिन जब तक मदद पहुंचती तब तक झोपड़ी में रखा लगभग पूरा सामान जलकर खाक हो चुका था।
बताया जा रहा है कि मुन्ना लाल पुत्र रोशन लाल, मूल निवासी बिलासपुर जिला रामपुर (उत्तर प्रदेश), पिछले करीब पांच वर्षों से स्थानीय किसान हरीश पढालनी के खेत में बटाई पर खेती का काम करते थे और अपने परिवार के साथ यहीं झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी रूपवती, तीन छोटे बच्चे और पिता शामिल हैं।
पीड़ित मुन्ना लाल ने बताया कि इस अग्निकांड में घर का पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। आग की चपेट में आ कर बर्तन, चारपाई, कपड़े, बिस्तर, अलमारी, करीब 7 कुंतल धान, 20 हजार रुपये की नकदी, मोबाइल फोन और डेढ़ तोले का सोने का मंगलसूत्र भी जलकर राख हो गया।
घटना के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मुन्ना लाल की पत्नी रूपवती ने बिलखते हुए बताया कि उनकी जिंदगीभर की मेहनत और कमाई इस आग में जलकर खाक हो गई। आग लगने के दौरान छोटे-छोटे बच्चे बिना कपड़ों के ही झोपड़ी से बाहर भागे, जिसके बाद पड़ोसियों ने उन्हें कपड़े उपलब्ध कराए ।
ग्रामीणों के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। वहीं रविवार को अवकाश होने के कारण प्रशासन को समय पर सूचना नहीं दी जा सकी।
इस संबंध में जब मीडिया कर्मियों ने लालकुआं की एसडीएम रेखा कोहली से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन तक नहीं उठाया, जिससे स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी भी देखने को मिली।
