पूर्व दर्जा राज्यमंत्री पी सी गोरखा ने नैनीताल विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत अनेक गांवों का किया भ्रमण ।

पूर्व दर्जा राज्यमंत्री पी सी गोरखा ने नैनीताल विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत अनेक गांवों का किया भ्रमण ।

  • ग्रामीणों से किया संवाद, विकास कार्यों की स्थिति पर जताई हैरानी

नैनीताल ।
पूर्व दर्जा राज्य मंत्री पी सी गोरखा ने रविवार को नैनीताल विधानसभा क्षेत्र के ,पंगोट,घुघु,सौड़ ,बासी ,बाघनी , रानीकोटा ,बागजाला समेत अनेक गॉवों का भ्रमण किया, ग्रामीणों के हाल-चाल जाने और उनकी समस्याएं सुनी । ग्रामीण विकास को लेकर उन्होंने जन संवाद किया तथा आँखों देखी- कानों सुनी बातों की पड़ताल की ।
एक दिवसीय क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों से सम्पर्क कर श्री गोरखा ने मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों का अवलोकन किया तथा राज्य सरकार और विभागीय लापरवाही के साथ ही कार्यों की वस्तुस्थिति देख कर हैरानी भी जताई ।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क,शिक्षा ,स्वास्थ्य ,पेयजल आदि समस्याओं को लेकर सरकारी संवेदनहीनता का ही परिणाम है कि नैनीताल विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत तमाम गौवों की स्थिति बहुत बदतर बनी हुई है ।

श्री गोरखा ने कहा कि जनता से बातचीत के दौरान बहुत ही आश्चर्य की बात सामने आई और वह, यह कि सरकार में पहुंचे निर्वाचित जनप्रतिनिधि वोट मांगने के बाद वहाँ जनता का धन्यवाद तक करने नही गये । उन्होंने कहा पाँच साल पहले तत्कालीन विधायक संजीव आर्य जी ने जो काम शुरू किए थे, वे आगे नहीं बढ़ पाए हैं । देवीपुरा- सौड़ मोटरमार्ग तो बाँधनी से आगे छड़ा गधेरे में दो साल से मलवे से पटा हुआ है ,जान जोखिम में डालकर लोग मजबूरन सड़क पार कर रहे है ।

पूर्व दर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि पंगोट- देचौरी मोटर मार्ग भी लटका हुआ है ।बासी -अडिया – कोटाबाग मोटर मार्ग भी आज तक कच्चा है, सड़कें डामरीकरण की कहानी बया कर रही है । गढ्ढे भरना तो दूर सड़क की झाड़ियाँ तक नहीं काटी गयी हैं, जिससे दो पहिया वाहनों के लिए बाघ का खतरा बना हुआ है । उन्होंने कहा कि अमौठा – रियाड तीन किलोमीटर मार्ग का मिलान भी अधर में लटका हुआ है । कुल मिलाकर जनता में भारी आक्रोश दिखाई दिया ।
श्री गोरखा ने कहा कि राज्य सरकार को पर्वतीय क्षेत्रों को रामभरोसे नहीं छोड़ना चाहिये, वर्षा पर आधारित फसलों को मोटर मार्ग के आभाव में मुख्य बाज़ार तक ले जाने में काफी ढुलाई देनी पड़ती है,जिस कारण ग्रामीणों को नुकसान उठाना पड़ता है और लोग पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं । उन्होंने कहा रोज़गार के आभाव में गांव के गांव खाली हो रहे हैं , जबकि सरकार को टूरिज़्म के तौर पर इस क्षेत्र को विकसित करने की शख्त ज़रूरत है ।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान खुशाल, जसवंत, मोहित विष्ट, कैलाश आर्य, दीपचंद, पूरन चंद्र,कृपाल विष्ट, जीवन राम,विपिन भट्ट, महेश कांडपाल, मथुरादत्त, कुन्दन नेगी, शंम्भू बधानी, हरीश बधानी,संजय रावत, निर्मल अग्रवाल, डुंगर सिह रावत, गिरीश भट्ट, हरीदत्त सनवाल,नवीन आर्य आदि उपस्थित थे ।

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