किसान गोष्ठी में मास्टर ट्रेनर अनिल पांडे ने जैविक प्रशिक्षक में रासायनिक खेती पर बल ।
हल्दूचौड़ ( नैनीताल )
न्याय पंचायत प्रभारी हरिपुर बच्ची द्वारा जैविक खेती पर एक दिवसीय कृषक गोष्टी का आयोजन किया गया जिसमे किसानों को बताया गया कि वातावरण में 75 से 80 प्रतिशत नाइट्रोजन उपलब्ध होती है फिर भी हमे यूरिया( नाइट्रोजन) पर निर्भर होना पड़ रहा है।

अगर किसान जैव उर्वरकों, एजेक्टोवेक्टर, बर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद, नाडेप खाद, गोमूत्र कीटनाशी एवं जैव अवशेष से जमीन में कार्बन एवं जमीन की उर्वरा शक्ति की पूर्ति करे तो किसानों को अधिक लाभ होगा। साथ ही रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम से कम हो।
यहां हरिपुर बच्ची न्याय पंचायत अंर्तगत किसानों के मध्य अन्नदाता के समक्ष ग्राम जग्गी बंगर हल्दूचौड़ एवं विजयपुर में मास्टर ट्रेनर अनिल पांडे (जैविक प्रशिक्षक) द्वारा रासायनिक खेती पर एक दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि आज के समय में रासायनिक खादों से ग्लोबल बर्मिंग होती है और गर्मियों में सिंचाई की अधिकता होती है, अगर किसान अपने खेतों में मलचिंग करे तो गर्मी एवं नमी संरक्षण, वर्षा जल संग्रहण, एवं जंगली आग से सुरक्षा,मृदा ताप में कमी की जा सकती हैं एवं विकरण के प्रभावों से बचा जा सकता है। इसलिए जैविक खेती सर्वोच्च खेती है। इस दौरान तमाम किसान उपस्थित थे।
