भगवान श्री कृष्ण के प्रकृति प्रेम की संस्कृति,ओर मित्रता के महत्व को प्रतिपादित कर रहे हैं ।

भगवान श्री कृष्ण के प्रकृति प्रेम की संस्कृति,ओर मित्रता के महत्व को प्रतिपादित कर रहे हैं ।

 रामेश्वर दास।

हल्दूचौड़( नैनीताल )।

लंबे अरसे से क्षेत्र में हरे कृष्णा मूवमेंट के माध्यम से सनातन धर्म का प्रभाव बढ़ाने को कटिबद्ध श्री श्री गौरा राधा मंदिर,हरे कृष्णा प्रभुपाद आश्रम एवं गौ धाम हल्दूचौड़ परमा के संस्थापक रामेश्वर दास के प्रयासों से हरे कृष्णा प्रभुपाद आश्रम गौ धाम हल्दूचौड़ परमा से गंगापुर गौशाला तक हरि नाम संकीर्तन यात्रा निकालकर सनातन संस्कृति को संजोए रखने के  प्रयासों के तहत हरि नाम कीर्तन यात्रा में अपार श्रद्धालुओं की संख्या से मानो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

                 बुद्ध वार सायं पांच से गौ धाम से गंगापुर गौ शाला तक श्री श्री हरे कृष्ण मंदिर एवं गौ धाम के संस्थापक रामेश्वर दास के सानिध्य में हरे कृष्णा प्रभुपाद आश्रम हरि .नाम संकीर्तन यात्रा साइन 5:00 बजे से शुभारंभ कर देर सायं गंगापुर गौ शाला तक पहुंची इसमें हजारों की संख्या में लोगों ने इस यात्रा की शोभा बढाई एवं इसके साक्षी बने इस दौरान पूरा वातावरण मानो हरि नाम संकीर्तन से भक्ति में हो गया वही रामेश्वर दास ने कहा कि मनुष्य को अपने त्याग, विद्दुत्ता ओर समर्पण के माध्यम से जहां 33 कोटि देवताओं का वास कहीं जाने वाली हजारों गौ माता और उसके वंश की सेवा की जा रही है, वहीं अपने त्याग विधाता और समर्पण के माध्यम से जन-जन को आध्यात्म से जोड़कर उनका जीवन स्तर सुधारने का अनूठा कार्य भी किया जा रहा है। इससे जहां सनातन धर्म को जीवंत बनाए जाने की दिशा में जन जागृति आ रही है, वहीं सामाजिक सरोकारों के तहत अपनी प्रतिबद्धता के क्रम में सेवा साधना है सेवा प्रार्थना है और सेवा ही परमात्मा है को आत्मसात करते हुए क्षेत्रवासियों में गौ वंश की सेवा में मनोयोग से जुटने का आह्वान किया जा रहा है। सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य को लेकर महासंकीर्तन यात्रा के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण के प्रकृति से प्रेम करो की संस्कृति और मित्रता के महत्व के संदेश को प्रतिपादित करने का कार्य किया जा रहा है। रामेश्वर दास ने क्षेत्रवासियों से आयोजित उक्त संकीर्तन यात्रा का हिस्सा बन पुण्य अर्जित करने का आह्वान किया है।

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