वन विकास निगम के संविदाकारों ने शुरू किया दो दिवसीय कार्य बहिष्कार,रामनगर, कालाढूंगी, हल्द्वानी व टनकपुर डिवीजन के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के संविदाकार गए हड़ताल में ।

वन विकास निगम के संविदाकारों ने शुरू किया दो दिवसीय कार्य बहिष्कार,रामनगर, कालाढूंगी, हल्द्वानी व टनकपुर डिवीजन के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के संविदाकार गए हड़ताल में ।

हल्दूचौड़( नैनीताल )

 लंबे समय से कार्यों का भुगतान नही होने और वृक्षों की जड़ो के खुदान की विभागीय दरों में कटौती करने से नाराज वन विकास निगम के संविदाकारों ने रविवार से अनिश्चितकाल के लिए खुदान एवं दुलान कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। इस मौके पर तमाम कार्यालयों में ठेकेदारों ने प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद वन विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक समेत अन्य अधिकारियों को ज्ञापन प्रेषित किया।

वन विकास निगम के अधिकारियों को भेजे गए ज्ञापन में ठेकेदारों का कहना है कि उन्हें जड़ खुदान व लकड़ी ढुलान के कार्यों का लंबे समय से भुगतान नही किया गया है। जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट छाया हुआं है। इसके साथ ही निगम द्वारा वर्तमान में वृक्षों के जड़ खुदान की विभागीय दरो में काफी कटौती कर दी गई है। और वन निगम के अधिकारी कटौती की गई दरो पर भुगतान लेने का दबाव बना रहे है। वन निगम में ठेकेदारी का कार्य करने वाले ठेकेदार कविराज धामी, मुकेश पांडे समेत तमाम ठेकेदारों का कहना है कि महगांई के कारण मजदूरी एवं वेतन बढ़ रहे है, लेकिन निगम द्वारा 2021 में जारी विभागीय  दरों में वृद्धि के स्थान पर कटौती कर उनके साथ धोखा किया जा रहा है। जिसकारण उनका निगम के अधिकारियों के प्रति विश्वास डगमगाने लगा है। चेतावनी दी है कि जब तक निगम द्वारा लिखित रूप से सभी कार्यों की स्वीकृत दरों को नही दिया जाता है तब तक वह कार्य बहिष्कार करेंगे। ठेकेदारों ने वन मंत्री के साथ ही वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक, महाप्रबंधक समेत सभी लौगिंग प्रबंधकों को ज्ञापन की प्रति प्रेषित की। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि कार्य बहिष्कार के दौरान किसी भी प्रकार की क्षति की जिम्मेदारी निगम की होगी। इधर मानसून सत्र आने को है ऐसे में निगम के ठेकेदारों के कार्य बहिष्कार से रामनगर, कालाढूंगी पूर्वी व पश्चिमी, हल्द्वानी पूर्वी व पश्चिमी व टनकपुर डिवीजन के साथ ही पर्वतीय डंगार की लौटो में जड़ खुदान व लकड़ी ढुलान का कार्य प्रभावित होने निगम के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। ज्ञापन देने वालों में दीप चंद्र जोशी, मुकेश चंद्र पांडे, संतोष चंद, आदित्य साहनी, प्रेमपाल, भीष्म गांधी, राहुल गांधी, आशीष कुमार, कविराज धामी, पूरन सिंह बिष्ट, देवेंद्र सिंह, निकिता बिष्ट, मीना बिष्ट, मिथुन बिष्ट, सूरज पडियार, डॉ निशांत पपनै, यजुबेंद्र सिंह, चंदन राम विश्वकर्मा, मोहन चंद्र गहतोड़ी, रविंद्र कापड़ी, रंगीला भट्ट, जनक चंद्र समेत कई ठेकेदार मौजूद थे।

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